कोरबा, 10 फरवरी, (हि. स.)।छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आज कोरबा जिला सामाजिक समरसता, संवेदनशील शासन और समावेशी विकास का साक्षी बना। जिला मुख्यालय स्थित सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में जिले के 260 जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधान के साथ वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया।

इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक गरिमामय बनाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए और सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखी, समृद्ध एवं सफल दांपत्य जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह को सम्मानपूर्वक सम्पन्न कराने की दिशा में राज्य शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समानता, बेटियों के सम्मान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संबल देने का सशक्त माध्यम है।
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन एक शुभ अवसर है, जिसमें एक साथ अनेक परिवारों के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन का उद्देश्य है कि आर्थिक कारणों से किसी भी परिवार को अपनी बेटी के विवाह को लेकर किसी प्रकार की चिंता न हो।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक न्याय की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है।
उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में कुल 260 नवविवाहित जोड़ों को विवाह सम्पन्न होने के पश्चात 35-35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा नवदंपत्तियों को सहायता राशि का चेक वितरित किया गया। योजना के तहत प्रत्येक नववधु को कुल 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाती है। 35 हजार रूपये का चेक अथवा बैंक ड्राफ्ट सीधे कन्या को दिया जाता है, जबकि 7 हजार रूपये वर-वधु के परिधान एवं श्रृंगार सामग्री तथा 8 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर व्यय किए जाते है।
इस सामूहिक विवाह समारोह में सामाजिक समावेशिता की प्रेरक झलक देखने को मिली। समारोह में 02 दिव्यांगजन एवं 02 विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) के वर-वधू भी शामिल हुए, जिन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ परिणय सूत्र में बंधकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत निर्धारित समस्त लाभ प्राप्त किए।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, जनप्रतिनिधिगण, जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी
