कोरबा, 19 अप्रैल (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के काेरबा जिले में स्थित हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीपी) के ग्राम झाबू इलाके में एक भयावह औद्योगिक हादसे ने सनसनी फैला दी। रविवार सुबह राखड़ डेम के अचानक फट जाने से वहां काम कर रहा एक जेसीबी ऑपरेटर राख और मलबे के सैलाब में बहकर दब गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई, जबकि प्रबंधन के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीएसईबी पश्चिम के राखड़ डेम के एक हिस्से में अचानक दबाव बढ़ गया, जिसके बाद देखते ही देखते राख का तेज बहाव शुरू हो गया। जेसीबी मशीन चला रहा ऑपरेटर कुछ समझ पाता, उससे पहले ही राख के दलदल ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन राख का दबाव इतना अधिक था कि ऑपरेटर मशीन सहित मलबे में समा गया।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रबंधन और सुरक्षा अमला तुरंत मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल ऑपरेटर की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि राखड़ डेम की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण ही यह बड़ा हादसा हुआ, जिसमें एक मजदूर की जान चली गई।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर करती है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसे संवेदनशील डेम की निगरानी और सुरक्षा इंतजाम इतने लचर क्यों हैं, और मजदूरों की जान के साथ इस तरह की लापरवाही कब तक जारी रहेगी।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इस हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी
