देवरिया, 13 अप्रैल (हि.स.)। देवरिया में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा, प्रशिक्षण एवं सम्मान समारोह का आयोजन स्थानीय मैरिज हाल में किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से सैकड़ों दवा व्यवसायियों ने भाग लिया और दवा व्यापार से जुड़ी समस्याओं व समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह, अध्यक्ष रणजीत सिंह, मंत्री अनिल गुप्ता एवं संयुक्त मंत्री हिमांशु कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। संचालन करते हुए हिमांशु कुमार सिंह ने दवा व्यवसाय से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को उठाया, जिनमें ऑनलाइन दवाओं का बढ़ता कारोबार, लाइसेंस नवीनीकरण में जटिल प्रक्रिया, पोर्टल में बार-बार बदलाव और दस्तावेज अपलोड की समस्या शामिल रही।
औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने इन समस्याओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नए ऑनलाइन सिस्टम के कारण थोक दवा विक्रेताओं के लिए अनुभव प्रमाण पत्र जारी करना पहले की अपेक्षा कठिन हो गया है। वहीं मंत्री अनिल गुप्ता ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा विशेष ब्रांड की दवाओं को बढ़ावा देने से स्थानीय दवा व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
मुख्य अतिथि शलभ मणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना काल में दवा व्यवसायियों की भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने कहा कि उस समय डॉक्टर और केमिस्ट ही आम जनता का सबसे बड़ा सहारा बने थे। आज भी छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में दवा दुकानदार गरीबों के लिए डॉक्टर जैसा काम करते हैं और उनकी आर्थिक बचत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान समाज में लंबे समय से सेवा दे रहे आनंद रूंगटा, घनश्याम गुप्ता, चमन लाल शर्मा, लाल बाबू सिंह, राकेश गौड़ एवं नवल किशोर रूंगटा को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में अध्यक्ष रणजीत सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि दवा व्यापारियों की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल द्वारा शासन स्तर पर ज्ञापन भी सौंपा गया है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल एवं दवा व्यवसाय से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिन्होंने अपने विचार रखे और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक
