कोलकाता, 13 मार्च (हि. स.)। कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार को लोगों को संभावित ऑनलाइन जालसाजी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। पुलिस ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति और गैस आपूर्ति पर संभावित असर का फायदा उठाकर ठग आम लोगों को निशाना बना सकते हैं।

शहर पुलिस के साइबर अपराध प्रकोष्ठ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह की ठगी के कुछ मामले पहले ही सामने आ चुके हैं। कई नागरिकों को संदिग्ध फोन कॉल, संदेश या व्हाट्सऐप संदेश प्राप्त हुए हैं।
अधिकारी के अनुसार, इन मामलों में ठग स्वयं को केंद्र सरकार का अधिकारी बताकर रसोई गैस उपभोक्ताओं से संपर्क करते हैं। फोन पर वे यह दावा करते हैं कि सरकार गैस के उपयोग को लेकर सर्वेक्षण कर रही है। इसके बाद उपभोक्ता से कहा जाता है कि उसने पिछली बुकिंग के 25 दिनों के भीतर ही गैस सिलेंडर बुक कर लिया है, जो नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता को यह भी कहा जाता है कि इस नियम उल्लंघन के लिए उस पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। यदि उपभोक्ता डरकर समाधान पूछता है, तो ठग उसे एक लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने और ऑनलाइन प्रपत्र भरने के लिए कहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता उस लिंक पर क्लिक करता है, ठग उसके मोबाइल के पूरे डेटा तक पहुंच बना लेते हैं। इसके बाद उसके बैंक खाते से धन निकाल लिया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि ठग लोगों को फंसाने के लिए एक और तरीका अपना रहे हैं। इसमें उपभोक्ता को बताया जाता है कि लॉटरी के माध्यम से उसका चयन हुआ है और बुकिंग के दो दिन के भीतर उसके घर गैस सिलेंडर की आपूर्ति कर दी जाएगी। इस लालच में आकर उपभोक्ता को व्हाट्सऐप पर भेजे गए लिंक के माध्यम से एक प्रपत्र भरने के लिए कहा जाता है।
अधिकारी ने कहा कि यदि किसी को इस तरह की संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त हो, तो उसे पूरी तरह अनदेखा करें और तुरंत निकटतम थाने को इसकी सूचना दें। किसी भी परिस्थिति में अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।
उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न थानों की साइबर शाखाओं को पहले ही सतर्क कर दिया गया है और आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
