कोलकाता, 08 फ़रवरी (हि. स.)। कोलकाता में रविवार सुबह एक बार फिर मेट्रो सेवा बाधित हो गई। रवींद्र सरोवर मेट्रो स्टेशन पर एक यात्री द्वारा आत्महत्या की कोशिश किए जाने की खबर है। चलती मेट्रो के सामने व्यक्ति के कूद जाने से मेट्रो परिचालन अचानक रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

मेट्रो सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 10:45 बजे शहीद खुदीराम से दक्षिणेश्वर की ओर जा रही अप लाइन की मेट्रो के सामने एक व्यक्ति ने छलांग लगा दी। चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षा कारणों से लाइन की बिजली आपूर्ति काट दी गई थी। लगभग 45 मिनट तक मेट्रो सेवा आंशिक रूप से प्रभावित रही। घटना के बाद मेट्रो का परिचालन केवल मैदान से दक्षिणेश्वर स्टेशन के बीच किया गया। मैदान के बाद यानी रवींद्र सदन से शहीद खुदीराम स्टेशन तक मेट्रो सेवा पूरी तरह बंद रही।

इस संबंध में स्टेशनों पर लगातार घोषणाएं की जाती रहीं। करीब साढ़े 11 बजे बचाव कार्य पूरा होने के बाद मेट्रो सेवा धीरे-धीरे सामान्य हुई।
घटना के वक्त मेट्रो में मौजूद एक यात्री ने बताया कि ट्रेन स्टेशन में आधी घुसी ही थी, तभी अचानक जोरदार ब्रेक लगाया गया। इससे कई यात्री अंदर ही गिर पड़े। करीब 10 मिनट बाद स्टेशन पर दुर्घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद यात्री मेट्रो से उतर आए।
रविवार होने के कारण मेट्रो में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन सेवा बाधित होने से कई लोग परेशान हो गए। घोषणा सुनकर कई यात्रियों ने मेट्रो छोड़ दी और वैकल्पिक साधनों से गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश की। इसके चलते कुछ स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई।
उल्लेखनीय है कि गत गुरुवार को भी रवींद्र सरोवर स्टेशन पर इसी तरह आत्महत्या की कोशिश हुई थी, जिससे लगभग एक घंटे तक मेट्रो सेवा बाधित रही थी। उस दिन कार्यदिवस होने के कारण कार्यालय समय में यात्रियों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी थी।
कोलकाता मेट्रो की ब्लू लाइन पर आत्महत्या की कोशिश की घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लू लाइन के अधिकांश स्टेशनों पर ट्रैक के किनारे सुरक्षा दीवार या बैरिकेड नहीं होने से लाइन असुरक्षित बनी हुई है। बाद में बने नए मेट्रो रूटों पर ट्रैक सुरक्षा के लिए दीवारें बनाई गई हैं, लेकिन कोलकाता मेट्रो की सबसे पुरानी लाइन होने के कारण ब्लू लाइन में अब तक यह व्यवस्था नहीं हो पाई है।
रविवार की इस घटना ने एक बार फिर मेट्रो यात्रियों की सुरक्षा और ब्लू लाइन पर संरचनात्मक सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
