कोलाघाट, 09 फरवरी (हि. स.)। पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलाघाट में अवैध रूप से सरकारी पेड़ काटने को लेकर भारी तनाव व्याप्त हो गया है। आरोप है कि स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता और ठेकेदार शाहआलम मलिदा ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सिंचाई विभाग की भूमि से लाखों रुपये मूल्य के पेड़ कटवा दिए। इस मामले में ग्राम पंचायत के भाजपा उपप्रधान ने थाने और वन विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

सूचना के अनुसार, रविवार शाहआलम मलिदा अपने कुछ सहयोगियों के साथ कलागाछिया मौजा पहुंचे और सड़क किनारे सिंचाई विभाग की जमीन पर लगे पेड़ों को काटना शुरू कर दिया। जब स्थानीय ग्रामीणों ने वैध दस्तावेज दिखाने को कहा तो उन्होंने कोई ठोस अनुमति पत्र नहीं प्रस्तुत किया। विरोध के कारण मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

स्थानीय ग्राम पंचायत के भाजपा उपप्रधान शिवनाथ सामंत और सदस्य सुजाता चंद मौके पर पहुंचे। सामंत का आरोप है कि उन्होंने अवैध पेड़ काटने का विरोध किया, तो तृणमूल नेता ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और महिला सदस्य के साथ अभद्र व्यवहार किया। ग्रामीणों के अनुसार, नेता के इशारे पर पांच आकाशमणि और एक शिरीष का पेड़ पहले ही काटा जा चुका था। आरोपित ने हंगामे के बीच एक ‘वर्क ऑर्डर’ दिखाया, जिसे स्थानीय प्रशासन ने अवैध करार दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कोलाघाट थाने की पुलिस, वन विभाग के अधिकारी और कोलाघाट के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) आमिय कुमार चांद मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सभी कटे हुए पेड़ों को जब्त कर लिया। बीडीओ आमिय कुमार चांद ने स्पष्ट किया कि पेड़ काटने की कोई वैध अनुमति नहीं दी गई थी।
सोमवार सुबह भाजपा नेता शिवनाथ सामंत ने कहा कि शाहआलम मलिदा तृणमूल के प्रभावशाली नेता हैं और उन्होंने फर्जी वर्क ऑर्डर के जरिए सरकारी संपत्ति की चोरी की है। हमने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस और वन विभाग में शिकायत दर्ज कराई है।
आरोपित तृणमूल नेता शाहआलम मलिदा ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
