मुंबई, 23 फरवरी (हि.स.)। मुंबई शहर में बढ़ते प्रदूषण के बीच खुली जगह की मांग बढ़ती जा रही है। मुंबई कोस्टल रोड पर हरित क्षेत्र के लिए खुली जगह का प्रबंध किया जाना है। इसके लिए रविवार को बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने प्रस्तावित डिजाइन पेश किया। इस अवसर पर शिवसेना (शिंदे गुट) के राज्यसभा सदस्य मिलिंद देवड़ा भी उपस्थित थे।


मुंबई कोस्टल रोड की लगभग 70 हेक्टेयर खुली जमीन को हरित क्षेत्र में बदला जाना है। इसमें विभिन्न नागरिक सुविधाएं होंगी, ताकि मुंबई में लगातार घटते हरित क्षेत्र की भरपाई की जा सके। रविवार को मनपा आयुक्त गगरानी ने दक्षिण मुंबई रेज़िडेंट्स एसोसिएशन (एसएमआरए) की तरफ से आयोजित नागरिक संवाद कार्यक्रम में कोस्टल रोड की खुली जगह के लिए डिजाइन प्रस्तुत किया। लगभग 10.58 किलोमीटर लंबी कोस्टल रोड को मार्च 2024 में यातायात के लिए खोला गया था। इस रोड पर 40 हेक्टेयर में सड़कें, यातायात इंटरचेंज और ब्रिज शामिल हैं, जबकि शेष 70 हेक्टेयर बंजर भूमि है। इस भूमि को उद्यान और खुले सार्वजनिक स्थलों जैसी विभिन्न नागरिक सुविधाओं के रूप में विकसित किया जाना है। मुंबई मनपा ने पिछले साल अगस्त महीने में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरआईएल) को इस खुले क्षेत्र के लैंडस्केपिंग और रखरखाव का कार्य सौंपा था। यह कंपनी अपने सीएसआर फंड से तकरीबन 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी और यह समझौता 30 वर्षों के लिए होगा।
मनपा अधिकारियों के अनुसार भुलाभाई देसाई रोड एग्ज़िट के पास उपलब्ध जमीन के पास एक बर्ड ट्रेल को विकसित किया जाएगा। यह ट्रेल सड़क के दोनों ओर फैला एक हरा-भरा क्षेत्र होगा। इसमें देशी पेड़ लगाए जाएंगे। कोस्टल रोड के अमरसन्स गार्डन इंटरचेंज के पास एक एम्फीथिएटर के साथ-साथ ताड़ के पेड़ों से युक्त एक नेचर ट्रेल बनाने की योजना बनाई गई है। मियावाकी पद्धति से पेड़ लगाकर माइक्रो फॉरेस्ट के हिस्से विकसित किए जाएंगे। हाजी अली क्षेत्र के वाहन इंटरचेंज में एक पिकलबॉल कोर्ट बनाया जाएगा। साथ ही वर्ली स्थित एक बंद पड़े जेट्टी को स्थायी हेलिपैड में बदलने की तैयारी की जा रही है। डिज़ाइन टेम्पलेट का अंतिम मसौदा संबंधित समिति को सौंप दिया गया है। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त आयुक्त (गार्डन) कर रहे हैं। डिजाइन को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा। इस परियोजना को पूरा होने में तीन साल लगेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
