मुंबई, 08 फरवरी (हि.स.)। मुंबई महानगरपालिका की ओर से मुंबई कोस्टल रोड पर प्रस्तावित हेलिपैड का विरोध शुरु हो गया है। जहां इसे बनाया जाना है, वहां के स्थानीय नागरिक इसकी खिलाफत में उठ खड़े हुए हैं।

मुंबई मनपा ने वर्ली जेटी पर हेलिपैड बनाने की योजना बनाई है। इसका उपयोग आपात स्थितियों में किया जा सकेगा। गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर मुंबई के बड़े अस्पतालों में पहुंचाने के साथ ही कोस्टल पुलिस, सुरक्षा बलों और वीवीआईपी लोगों के लिए यह हेलिपैड फायदेमंद होगा। हालांकि बीएमसी की इस योजना का स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया है। वर्ली रेसिडेंट्स एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव के खिलाफ बीएमसी आयुक्त, नगर विकास विभाग और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। एसोसिएशन ने मांग की है कि या तो इस प्रस्ताव को वापस लिया जाए या फिर हेलिपैड के लिए रिहायशी इलाकों से दूर वैकल्पिक स्थान तलाशा जाए।
योजना के अनुसार, जेटी को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत डीजीसीए-लाइसेंस प्राप्त हेलिपैड में बदला जाना है, जिसका उपयोग आपात चिकित्सा सेवाओं, समुद्री निगरानी, आपदा प्रबंधन और वीवीआईपी आवागमन के लिए किया जा सकता है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में हेलिकॉप्टर संचालन से अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण होगा। हेलिकॉप्टर का शोर 100 से 120 डेसिबल तक होता है, जो निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है। हेलिपैड से यातायात अव्यवस्था, सुरक्षा जोखिम और बार-बार वीवीआईपी मूवमेंट से आम लोगों को परेशानी होगी। उनका आरोप है कि परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले हमें विश्वास में नहीं लिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
