हल्द्वानी, 09 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी में क्रिकेट मैच की आड़ में धोखाधड़ी के आरोपी ईवीसीएल के विकास ढाका को हल्द्वानी एसीजेएम कोर्ट से जमानत मिल गई है।गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले टी20 क्रिकेट लीग में विकास ढाका के मददगार हल्द्वानी और सितारगंज के नेता थे। इन्हीं नेताओं ने प्रमोटर की भूमिका निभाई और शहर भर के क्रिकेट प्रेमियों को टिकट खरीदने पर मजबूर किया।

जब मामला फंसा तो नेताओं ने पल्ला झाड़ लिया और खुद ही सबसे बड़े पीड़ित बनकर पुलिस के पास पहुंच गए।वहीं, अवैध गिरफ्तारी संबंधी याचिका में सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने याची से रिमांड शीट की प्रतिलिपि न्यायालय में दाखिल करने को कहा है। न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने अगली सुनवाई 11 फरवरी के लिए तय की है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सौरभ पाण्डे ने याचिका में 7 वर्ष से कम की सजा वाली धारा में अवैध कस्टडी का आरोप लगाया है। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि विकास को पुलिस ने सवेरे 11:30 बजे पुलिस स्टेशन में बैठाए रखा। रात 9 बजे मामले में एफ.आई.आर.दर्ज की गई और रिमांड शीट में गिरफ्तारी अगले दिन 4 बजे दिखाई गई। ये भी कहा गया कि पुलिस किसी के दबाव में कार्य कर रही है।
इंदिरा गांधी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गौलापार में एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग का मंगलवार से आयोजन किया जा रहा था। इसमें, पहला मैच उत्तराखंड सोल्जर्स और दिल्ली नाइट्स के बीच खेला जाना था। ओपनिंग सत्र में में लोक गायक राकेश खनवाल, कैलाश कुमार, रागनी ग्रुप, हर्षिता कोहली, अंकित कुमार की प्रस्तुति रखी गई थी।
प्रतियोगिता में मसूरी किंग्स, यू.पी.वारियर्स, हल्द्वानी टाइगर्स, दिल्ली नाइट्स, उत्तराखंड सोल्जर्स और वाराणसी वाइपर्स के बीच भी मुकाबले होने थे लेकिन, देर शाम तक मैच शुरू नहीं होने पर आयोजक विकास ढाका ने बताया कि दिल्ली निवासी उनके बड़े पार्टनर प्रमोद सिंह की दिल्ली से हल्द्वानी निकलते वक्त हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई। इस कारण शोक के चलते मैच को स्थगित किया गया है। पुलिस ने बुधवार को शिकायत प्राप्त होने के बाद विकास ढाका को सुसंगत धाराओं में गिरफ्तार कर लिया था।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता
