दुमका, 22 मार्च (हि.स.)। जिले के गोपीकांदर प्रखंड के खड़ीबाड़ी गांव के पहाड़िया टोला में लाेग पेयजल की गंभीर समस्या जूझने को विवश है। इस टोला में लगभग 50 पहाड़िया आदिवासी परिवार रहते हैं। जो लंबे समय से स्वच्छ पेयजल के अभाव से जूझ रहे हैं। टोला में कुल दो सोलर जल टंकी एवं पांच चापाकल हैं। इनमें से सभी चापाकल पिछले एक से दो वर्षों से खराब पड़े हुए हैं।

वहीं, दो सोलर टंकियों में से एक करीब दो वर्षों से बंद है, तो दूसरी टंकी भी ठीक से कार्य नहीं कर रही है। जिसके कारण पूरे टोला को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को लगभग एक किलोमीटर दूर खेत के पास स्थित झरना एवं कुएं से पानी लाकर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार प्रदूषित पानी के सेवन से सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियां फैल रही हैं। साथ ही पानी लाने के लिए जंगल के पथरीले रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर दो माह पूर्व प्रखंड कार्यालय में लिखित आवेदन दे चुके हैं। आवेदन के बाद मिस्त्री गांव भी आए थे, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसके अतिरिक्त, टोला में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एक वर्ष पूर्व पानी की टंकी एवं नल लगाया गया था, लेकिन आज तक नल से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सोलर टंकी एवं चापाकलों की मरम्मति कराई जाए एवं आंगनबाड़ी केंद्र में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस मौके में रमेश देहरी, राजेश कुंवर, दुर्गी महारानी, सुकली महारानी, लीलावती महारानी, रूपी महारानी, शांति महारानी, फुलमुनी महारानी सहित अन्य शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार
