बक्सर, 29 जनवरी (हि.स.)।

नगर भवन, बक्सर में उर्दू कार्यशाला, सेमिनार एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी साहिला द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी पहचान है तथा इसके संरक्षण और विकास के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुशायरा, सेमिनार एवं कार्यशाला जैसे आयोजनों को उर्दू के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि उर्दू हमारे दैनिक जीवन की सहज भाषा है, जिससे हम अलग नहीं हो सकते। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पदाधिकारियों, स्थानीय शायरों, वक्ताओं एवं साहित्य प्रेमियों ने भी उर्दू भाषा के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला उर्दू भाषा कोषांग के मो. अमानुल्लाह, उर्दू अनुवादक, अलीयुन हैदरी एवं अन्य कर्मचारियों—की सराहनीय भूमिका रही। यह आयोजन उर्दू भाषा और संस्कृति के संवर्धन की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल सिद्ध हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार ओझा
