बांकुड़ा, 26 जनवरी (हि. स.)। गणतंत्र दिवस की सुबह बांकुड़ा जिले के विभिन्न इलाकों में माओवादी नाम से लिखे पोस्टर मिलने से सनसनी फैल गई। सोमवार सुबह तालडांगरा और ओंदा थाना इलाके में कहीं पेड़ों के तनों पर तो कहीं बस स्टॉपेज की दीवारों पर सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखे माओवादी नामांकित पोस्टर बरामद किए गए। सभी पोस्टरों में मारे गए माओवादी नेता हिड़मा को श्रद्धांजलि दी गई है।

पोस्टरों में छत्तीसगढ़ में निर्दोष आदिवासियों पर कथित ‘राज्य प्रायोजित आतंक’ का आरोप लगाते हुए उसे तत्काल बंद करने की मांग की गई है। इसके साथ ही माओवादी होने के संदेह में गिरफ्तार लोगों की तुरंत रिहाई की मांग भी की गई है। इतना ही नहीं, पोस्टरों में ‘फासीवादी सरकार’ के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का आह्वान भी किया गया है।
सुबह पोस्टर दिखाई देते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी पोस्टरों को हटा दिया। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि इन पोस्टरों का माओवादियों से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि स्थानीय स्तर पर किसने और किस उद्देश्य से ये पोस्टर लगाए।
स्थानीय निवासी नूर हुसैन मंडल ने बताया कि हमने खुद पोस्टर नहीं देखे। हम अपने काम में लगे थे। बाद में देखा कि पुलिस आकर पोस्टर हटा रही है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में आंध्र प्रदेश के अलुरी सीतारामराजू जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ में माओवादियों का शीर्ष नेता मडवी हिड़मा मारा गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
