कानपुर, 06 फरवरी (हि.स.)। भाजपा की सरकार कुछ पूंजीपतियों के लिए ही काम करती है। बस्ती में 65 से 70 वर्षों से अधिक समय से रह रहे गरीबों का निवास का मौलिक अधिकार है। कानपुर विकास प्राधिकरण और प्रशासन को बस्ती गिराने की बजाय रहने वाले को मालिकाना हक देना होगा। इसके लिए कई एक्ट आ चुके हैं। यह मौलिक उनका अधिकार है। यह बातें शुक्रवार को कांग्रेस नगरध्यक्ष पवन गुप्ता ने कही।

शहर के दक्षिण इलाके 56 चौराहा, जूही लाल कॉलोनी बस्ती में कई वर्षों से निवास कर रहे दलित, पिछड़े और अप्लसंख्यक समाज के लोगों को प्रशासन द्वारा जबरन हटाए जाने के आदेश के विरुद्ध आज कानपुर महानगर कांग्रेस ने बस्ती निवासियों का साथ देने की घोषणा की। महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बस्ती के निवासियों संग चौपाल करके हर पहलू को सुना और विचारविमर्श करते हुए प्रशासन द्वारा हो रहे अन्याय को पक्षपाती बताते हुए इसके खिलाफ हर कानूनन लड़ाई लड़ने की बात कही।
अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस इसकी कानूनी लड़ाई लड़ेगी और पहले केडीए को पत्र देगी और यदि वहां ने न्याय नहीं मिला तो उसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
इस दाैरान महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता, विकास अवस्थी, हरीश बाजपई, नरेश पाठक, मोहित दीक्षित, मनोज वाल्मीकि, कमलाकांत तिवारी, मुकेश दुबे, राजेश गौतम, राकेश साहू, राम शंकर राय, विनोद अवस्थी आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
