-सीआईआई गुरुग्राम जोन का वार्षिक सत्र में उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश

गुरुग्राम, 01 मार्च (हि.स.)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) गुरुग्राम जोन का वार्षिक सत्र होटल फॉर्च्यून सेलेक्ट ग्लोबल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीआईआई गुरुग्राम जोन के चेयरमैन विनोद बापना ने वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए गुरुग्राम को हरियाणा की विकास यात्रा का ना केवल औद्योगिक केंद्र, बल्कि नीतिगत सुधारों और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता का मुख्य स्तंभ बताया।

अपने संबोधन में विनोद बापना ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन के साथ उद्योग जगत की प्राथमिकताओं को जोड़ना पिछले एक साल में हमारा ध्यान ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को धरातल पर उतारने, व्यवसाय की लागत कम करने और बुनियादी ढांचे की जवाबदेही तय करने पर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरुग्राम अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक वैश्विक व्यापारिक गंतव्य बन चुका है, जिसे और सशक्त बनाने के लिए सीआईआई ने सरकार के साथ मिलकर निरंतर नीतिगत संवाद किया है।
बापना ने पिछले वर्ष के दौरान किए गए प्रमुख कार्यों का विवरण साझा करते हुए बताया कि सीआईआई ने सरकार के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकों के माध्यम से उद्योगों की समस्याओं का समाधान निकाला है। सीआईआई के सुझाव पर रूफटॉप सोलर नेट मीटरिंग की सीमा को 500 केवी से बढ़ाकर 1 एमडब्ल्यू करने और सोलर ओपन एक्सेस को सुलभ बनाने पर चर्चा हुई। उद्योग विहार और मानेसर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, सड़क और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया। मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2025, आईटी/आईटीईएस नीति और हरियाणा ईएसडीएम नीति के मसौदे में उद्योगों की आवाज को प्रमुखता से शामिल करवाया गया। बिजली दरों के युक्तिकरण और 24 घंटे विश्वसनीय बिजली आपूर्ति के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) के साथ निरंतर संवाद किया गया।
वार्षिक सत्र में बताया गया कि सीआईआई गुरुग्राम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है। सऊदी अरब सरकार के साथ ऑटोमोटिव राउंडटेबल और सीआईआई इंडिया-अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव जैसे मंचों ने स्थानीय उद्योगों के लिए वैश्विक अवसर पैदा किए हैं। एमएसएमई सेक्टर पर चर्चा करते हुए बापना ने कहा कि विश्व बैंक के आरएमपी कायक्रम और क्वालिटी सर्कल प्रतियोगिताओं के माध्यम से छोटे एवं मध्यम उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। सत्र के दौरान विनोद बापना ने भविष्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आगामी वर्ष में 300 से अधिक सदस्यों के सशक्तिकरण, स्थिरता और ईएसजी (इन्वायरमेंटल, सोशल व गर्वनेंस) मानकों को अपनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर
