जम्मू, 09 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोमवार को विधानसभा को सूचित किया कि पिछले कुछ वर्षों में गुरेज में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है और इस पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए गए हैं।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रभारी मंत्री ने विधायक नज़ीर अहमद खान के एक प्रश्न के उत्तर में सरकार की ओर से बताया गया कि गुरेज में 2022 में 40,105, 2023 में 48,797 और 2024 में 1,11,613 पर्यटक आए। 2025 में अब तक इस गंतव्य पर 54,675 पर्यटक आ चुके हैं। स्वच्छता संबंधी चिंताओं को दूर करते हुए सरकार ने कहा कि उसने अपशिष्ट प्रबंधन बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए काफी और निरंतर प्रयास किए हैं। इनमें सामुदायिक खाद के गड्ढे, सोकेज गड्ढे और अपशिष्ट पृथक्करण शेड का निर्माण, साथ ही नियमित रूप से घर-घर जाकर ठोस अपशिष्ट संग्रहण शामिल हैं।

जवाब में बताया गया कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का निर्माण कार्य चल रहा है। साथ ही किशनगंगा नदी के किनारे दोहरे गड्ढे वाले कूड़ेदान स्थापित किए गए हैं, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जा सके और कूड़ा-करकट फैलाने से रोका जा सके।सरकार ने दोहराया कि किशनगंगा में कूड़ा डालना सख्त वर्जित है। क्षेत्र में जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान को बढ़ावा देने और पर्यावरण स्वच्छता बनाए रखने के लिए निवासियों, दुकानदारों और पर्यटकों के लिए नियमित जागरूकता और संवेदीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह
