


अररिया, 26 फरवरी(हि.स.)। अपनी तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन बिहार के अररिया में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समाहरणालय स्थित परमान सभागार में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा प्रबंधन के साथ दूसरे चरण के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर समीक्षात्मक बैठक की।

भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा के तहत खुली सीमा का लाभ उठाकर होने वाली अवैध गतिविधियों और घुसपैठ को रोकने को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सरहद की सुरक्षा में लगे सुरक्षा एजेंसी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीमावर्ती इलाकों में बदलती आबादी के पैटर्न पर खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के साथ चर्चा के साथ अवैध प्रवासियों और उनके माध्यम से बनाए जा रहे हैं वोट बैंक की पहचान को लेकर भी कड़े निर्देश दिए।

गृह मंत्री अमित शाह ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के जरिए सीमावर्ती गांव में बुनियादी ढांचा मजबूत करने और पलायन रोकने जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से राय लेते हुए चर्चा की। बिहार के सीमावर्ती गाँवों के इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्कृति, पर्यटन, जीवन और आर्थिक उन्नति को वाइब्रेंट कर रही है। मोदी सरकार के लिए सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को उन्होंने प्राथमिकता करार दिया।घुसपैठ मुक्त सीमांचल को लेकर अधिकारियों से सतर्कता बरतने और चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार सरकार के डिप्टी सीएम एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी,मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत,डीजीपी विनय कुमार,एसएसबी के डीजीपी समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एसएसबी के अधिकारी और सात सीमावर्ती जिलों के डीएम एसपी आदि मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर
