मुंबई, 17 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के ‘म्हाडा’ के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि गोरेगांव में मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना के तहत प्रत्येक निवासी को 1600 वर्गफुट क्षेत्रफल का घर नि:शुल्क दिया जाएगा। साथ ही इस क्षेत्र पर बसे दुकानदारों और अन्य लोगों का उचित पुनर्वसन किया जाएगा।

म्हाडा मुंबई मंडल की ओर से गोरेगांव पश्चिम स्थित मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना के मास्टर प्लान का लोकार्पण आज ‘म्हाडा’ के उपाध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल (आईएएस) के हाथों हुआ। इस अवसर पर उन्हाेंने कहा कि मुंबई उपनगर के मध्य स्थित 143 एकड़ क्षेत्र में फैला यह महत्वाकांक्षी प्रकल्प अदानी समूह द्वारा विकसित किया जा रहा है और यह देश का सबसे बड़ा पुनर्विकास प्रकल्प है। यह प्रकल्प मुंबई के नियोजित, आधुनिक और शाश्वत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण साबित होगा।
‘म्हाडा’ के उपाध्यक्ष जायसवाल ने कहा, मोतीलाल नगर पुनर्विकास प्रकल्प म्हाडा के अब तक के कार्यकाल का अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रकल्प है। राज्य के सभी नागरिकों को सुयोग्य और सुनियोजित आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एवं गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व और दूरदृष्टि से इस प्रकल्प को गति और दिशा मिली है।
उन्हाेंने बताया कि इस प्रकल्प के अंतर्गत 3702 पात्र रहिवासियों को प्रत्येक को 1600 वर्गफुट क्षेत्रफल का घर नि:शुल्क दिया जाएगा। साथ ही 328 पात्र व्यावसायिकों को 987 वर्गफुट क्षेत्रफल के व्यावसायिक गाले दिए जाएंगे। लगभग 1600 झोपड़पट्टी धारकों को एसआरए कानून के अनुसार 300 वर्गफुट के घर देने की योजना है। इसके अलावा इस पुनर्विकास से म्हाडा को भी बड़े पैमाने पर आवासीय भंडार प्राप्त होगा।
इस प्रकल्प की विशेषता यह है कि यह वसाहत 15 मिनट सिटी के रूप में विकसित की जाएगी। इसमें स्कूल, दवाखाने, अस्पताल, बाजार, व्यावसायिक संकुल, हरित उद्यान, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विश्राम क्षेत्र, खेल के मैदान, जॉगिंग पार्क, साइकिल ट्रैक, सांस्कृतिक सभागृह, जिमखाना जैसी सभी सुविधाएं 15 मिनट के अंतर पर उपलब्ध होंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव
