जयपुर, 18 मार्च (हि.स.)। जयपुर में चेटीचंड पर्व की पूर्व संध्या पर सिंधी समाज की ओर से भक्ति और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। गोविंद देव जी मंदिर से निकली विशाल कलश यात्रा श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रही।

चेटीचंड सिंधी मेला समिति के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में 551 महिलाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा प्रमुख मीना मूलचंदानी ने बताया कि महिलाएं सिर पर गंगाजल से भरे कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं। यात्रा प्रारंभ से पूर्व विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन किया गया।
शोभायात्रा की अगुआई गजराज कर रहे थे, जबकि पीछे सजे-धजे ऊंट और घोड़े आकर्षण का केंद्र बने रहे। समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मूलचंदानी और महासचिव प्रमोद नवानी ने बताया कि विशिष्ट अतिथि भाजपा नेत्री सुमन शर्मा ने कलश यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर विधायक गोपाल शर्मा सहित अमित गोयल, राखी राठौड़, गिरधारी मनकाणी, छबलदास नवलानी और अशोक छाबड़ा भी मौजूद रहे।
कलश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों—चांदी की टकसाल और काले हनुमान मंदिर होते हुए कंवर नगर स्थित श्री झूलेलाल मंदिर पहुंची, जहां यह धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। संध्या काल में भगवान भगवान झूलेलाल की घंटा-घड़ियाल के साथ 1100 दीपकों से भव्य महाआरती की गई। महाआरती में समाज के अनेक गणमान्यजन और मातृशक्ति की बड़ी भागीदारी रही।
सिंधी संस्कृति में लोकनृत्य ‘छेज’ का विशेष महत्व है, जिसे भक्ति और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम माना जाता है। इसी क्रम में गुरुवार 19 मार्च को शाम 6 बजे बनी पार्क स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में छेज लोकनृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी।
संयोजक राकेश कृपलानी ने बताया कि प्रतियोगिता में शहर की 20 से अधिक टीमें भाग लेंगी, जिनमें महिलाओं की टीमें भी शामिल होंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
