
मेदिनीपुर, 11 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल में भाजपा विधायक शीतल कपाट के खिलाफ पार्टी कार्यालय में पोस्टर लगाए जाने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विधानसभा चुनाव से पहले सामने आई इस घटना ने जिला भाजपा में कथित गुटबाजी को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।

मंगलवार को घाटाल स्थित भाजपा कार्यालय में लगाए गए कुछ पोस्टरों में विधायक शीतल कपाट पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्टरों में लिखा गया है कि “शराब की दुकान के लाइसेंस और नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये आत्मसात करने वाले विधायक को दोबारा उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।” कुछ पोस्टरों में उन पर तृणमूल कांग्रेस के साथ ‘सेटिंग’ करने का भी आरोप लगाया गया है। पोस्टरों के नीचे “आदि भाजपा लड़ाकू कार्यकर्ता-समर्थक” लिखा हुआ है। हालांकि, पोस्टर किसने लगाए, इसका अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार शाम को फोन करने पर विधायक शीतल कपाट ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में ईमानदारी के साथ कार्य किया है और यदि भ्रष्टाचार का कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
वहीं, देर शाम एक बैठक समाप्त करने के बाद स्थानीय तृणमूल नेता विकास कर ने विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधायक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप वे पहले से उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में घाटाल की जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ और विकास के पक्ष में अपना मत देगी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
