पूर्वी सिंहभूम, 22 फ़रवरी (हि.स.)।

पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-18 पर मुड़ाकाटी चौक के समीप शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जमशेदपुर से भुवनेश्वर जा रही ‘शांतिलता’ नामक स्लीपर बस अचानक आग की चपेट में आ गई। बस में सवार यात्रियों की जान बस चालक की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण बच सकी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस सामान्य गति से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी और अधिकांश यात्री स्लीपर बर्थ पर विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान मुड़ाकाटी चौक के पास चालक को बस के भीतर से जलने की तेज गंध और धुआं उठता महसूस हुआ। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया।
बस रुकते ही चालक ने जोर-जोर से आवाज लगाकर यात्रियों को तत्काल नीचे उतरने को कहा। अचानक हुई इस घोषणा से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन चालक और परिचालक की मदद से सभी यात्री जल्द ही बस से बाहर निकल आए। बताया जाता है कि अंतिम यात्री के उतरते ही आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आलीशान स्लीपर बस पूरी तरह जल चुकी थी और केवल उसका ढांचा ही बचा था।
हालांकि इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान तकनीकी खराबी की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बस चालक की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सजगता ने कई जिंदगियां बचा लीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
