पूर्व मेदिनीपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रत्येक दलों के उम्मीदवारों ने प्रचार तेज कर दिया है। हालांकि घाटाल विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। यहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है और दोनों दल अपने-अपने तरीके से प्रचार अभियान चला रहे हैं।

पिछले चुनाव में जीत दर्ज करने वाले भाजपा के शीतल कपाट को पार्टी ने एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है। शीतल अभिनव तरीकों से जनसंपर्क कर रहे हैं। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने घाटाल पंचायत समिति की अध्यक्ष श्यामली सरदार को उम्मीदवार बनाया है। नई उम्मीदवार श्यामली भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्र में प्रचार कर रही हैं। भाजपा के लिए जीती हुई सीट को बचाए रखना चुनौती है, वहीं तृणमूल के लिए घाटाल सीट को वापस हासिल करना बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
इस बीच तृणमूल के भीतर अंदरूनी मतभेद की चर्चा भी सामने आ रही है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शीतल कपाट से महज 966 वोट से हारने वाले शंकर दोलई और उनके समर्थक अभी तक प्रचार में सक्रिय रूप से नजर नहीं आ रहे हैं। माना जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर पार्टी के विभिन्न गुटों के बीच मतभेद का असर प्रचार अभियान पर पड़ रहा है, जिससे तृणमूल खेमे में असहजता बढ़ रही है।
शुक्रवार शाम को फोन पर बात होने पर तृणमूल उम्मीदवार श्यामली सरदार ने किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया है। उनका कहना है कि शंकर दोलई के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और वे भी जल्द ही प्रचार में शामिल होंगे। श्यामली ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घाटाल के विकास के लिए जो काम किए हैं, जनता उससे परिचित है और लोग तृणमूल को जीत दिलाने के लिए उत्सुक हैं।
दूसरी ओर शंकर दोलई ने भी खुद को निष्क्रिय बताने के आरोप को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वे लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं और समय आने पर प्रचार में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे।
इधर तृणमूल के भीतर चल रही इस खींचतान को भाजपा अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही है। शनिवार सुबह चुनावी चर्चा के दौरान भाजपा उम्मीदवार शीतल कपाट ने कहा कि तृणमूल के भीतर ही आपसी संघर्ष चल रहा है, जबकि भाजपा जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में है। उन्होंने कहा कि विधायक रहने के दौरान उन्होंने हमेशा घाटाल के लोगों के साथ खड़े रहने की कोशिश की है और प्रचार के दौरान भी वे आम लोगों की तरह उनके कामों में हाथ बंटा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
