कोलकाता, 08 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग इस बार एक विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत सभी मतदान केंद्रों के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वेब कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जाएगी।

आयोग के सूत्रों के अनुसार इस बार मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कैमरे लगाए जाएंगे ताकि चुनाव नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सूत्रों ने बताया कि यदि निर्धारित संख्या से अधिक कोई भी अनधिकृत व्यक्ति मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश करता है तो यह प्रणाली तुरंत सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को चेतावनी दे देगी।
निर्धारित नियमों के अनुसार प्रत्येक मतदान केंद्र के अंदर एक पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान अधिकारी तथा प्रत्येक प्रत्याशी का एक मतदान अभिकर्ता उपस्थित रह सकता है। किसी भी प्रकार की अतिरिक्त उपस्थिति होने पर तुरंत संकेत जारी होगा।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह प्रणाली मानव उपस्थिति की पहचान कर स्क्रीन पर आयताकार चिह्न बनाकर संबंधित व्यक्तियों को चिह्नित कर सकेगी, जिससे वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी।
प्रत्येक मतदान केंद्र में कम से कम एक कैमरा अंदर और एक बाहर लगाया जाएगा। अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त कैमरे भी लगाए जा सकते हैं।
इन कैमरों की सीधी प्रसारण व्यवस्था केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जुड़ी होगी, जहां से लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर प्रणाली स्वतः चेतावनी देगी।
सरल भाषा में समझें तो यदि किसी मतदान केंद्र पर 10 लोगों की अनुमति है और प्रणाली को 11 लोग दिखाई देते हैं तो नियंत्रण कक्ष में संबंधित स्क्रीन तुरंत लाल संकेत देने लगेगी।
अधिकारियों के अनुसार चेतावनी मिलने पर संबंधित पीठासीन अधिकारी से तुरंत संपर्क कर स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
यह प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन के पास मतदाता की गतिविधियों पर भी नजर रखेगी। यदि कोई मतदाता निर्धारित समय (लगभग 2 मिनट) से अधिक समय तक मशीन के सामने रहता है तो नियंत्रण कक्ष को सूचना दी जाएगी और संबंधित अधिकारी को सतर्क किया जाएगा।
विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय नियंत्रण कक्ष में तैनात सूक्ष्म पर्यवेक्षक एक साथ 500 मतदान केंद्रों तक की निगरानी कर सकेंगे।
इस नियंत्रण कक्ष में 72 निगरानी परदे मतदान केंद्रों के लिए तथा 18 अतिरिक्त परदे स्थिर निगरानी दल और फ्लाइंग स्कवाड की गतिविधियों के लिए लगाए जाएंगे।
त्वरित संपर्क के लिए नियंत्रण कक्ष में 10 दूरभाष लाइनें भी होंगी, जिनमें एक निःशुल्क शिकायत नंबर भी शामिल रहेगा, जिस पर आम नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
करीब 200 सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे जो चेतावनियों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
इसके अलावा फ्लाइंग स्कवाड, त्वरित प्रतिक्रिया दल तथा स्थिर निगरानी दल सभी विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे।
निगरानी वाहनों में 360 डिग्री कैमरे लगाए जाएंगे, जो सीधा प्रसारण नियंत्रण कक्ष तक भेजेंगे। केंद्रीय बलों और पुलिस के वाहनों में भी वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली लगाई जाएगी ताकि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
निर्वाचन आयोग की यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने, चुनावी गड़बड़ियों को रोकने तथा सुरक्षित मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
