उत्तर दिनाजपुर, 17 अप्रैल (हि. स.)। जिले के हेमताबाद विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले वाम की गतिविधियों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। चुनाव से एक हफ्ते पहले तक हालात यह थे कि पार्टी उम्मीदवार तनुश्री दास कई गांवों तक पहुंच भी नहीं पाई थी। कई मतदाता उन्हें पहचानते तक नहीं है। गांवों में पार्टी कार्यालय या चुनावी कैंप का भी अभाव दिखा और कार्यकर्ताओं की कमी के चलते बूथ कमेटियां तक पूरी तरह नहीं बन पाई। इसके बावजूद शुक्रवार को वाम ने अचानक करीब 400 बाइकों के साथ भव्य रोड शो निकाला। यह रोड शो रायगंज ब्लॉक के भातुन, जगदीशपुर और महीपुर इलाकों में आयोजित हुआ। खुले जीप में उम्मीदवार के साथ पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम भी मौजूद रहे।

इस रैली में 400 बाइक, 20 गाड़ियां, दस टोटो और लगभग हजार लोगों की मौजूदगी ने खुद वाम नेतृत्व को भी हैरान कर दिया। सवाल उठ रहा है कि जब पंचायत स्तर पर पार्टी की पकड़ कमजोर है, 12 में से एक भी ग्राम पंचायत उनके पास नहीं है तो इतनी भीड़ कहां से आई?
पार्टी नेताओं का दावा है कि लोग स्वेच्छा से शामिल हुए। हालांकि, विपक्ष इसे अलग नजर से देख रहा है। भाजपा नेता मलय सरकार का कहना है कि आसपास के इलाकों से कार्यकर्ताओं को लाकर भीड़ जुटाई गई, जबकि तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा समर्थक ही वाम की रैली में शामिल हुए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जमीनी स्तर पर वाम की पकड़ कमजोर है, लेकिन कुछ शिक्षित युवा बदलाव की उम्मीद में पार्टी के साथ जुड़ रहे है। पहले यह सीट वाम दलों के पास रही है, जिससे पुराने कार्यकर्ताओं में भी कुछ उत्साह देखा जा रहा है।
रोड शो के बाद मोहम्मद सलीम ने करनदिघी के रसाखोवा में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल और भाजपा दोनों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि बंगाल से “दोनों फूलों” को हटाना जरूरी है और माकपा की जीत से शांति व साम्प्रदायिक सौहार्द लौटेगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इटाहार से करनदिघी तक बाहरी गुंडों को लाया गया है।
हेमताबाद में वाम का यह रोड शो भले ही ताकत का प्रदर्शन दिखाता हो, लेकिन जमीनी संगठन की कमी और चुनावी समीकरण को देखते हुए जीत की राह अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
