नई दिल्ली, 06 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल ‘परीक्षा पे चर्चा’ देश के करोड़ों विद्यार्थियों को नई दिशा दिखा रही है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए छोटे-छोटे सुझाव और सरल उदाहरण छात्रों के मन से परीक्षा का भय दूर कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। यह कार्यक्रम छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक के रूप में उभरा है। यह बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही।

केंद्रीय मंत्री प्रधान शुक्रवार को यहां के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा–2026’ की विशेष स्क्रीनिंग में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सहयोगी सांसदों, मंत्रियों और बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री के मास्टरक्लास को देखा और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण में दिए गए उपयोगी सुझावों के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए प्रधान ने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों के बौद्धिक और समग्र विकास पर केंद्रित है। यह विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें भयमुक्त वातावरण में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ एक राष्ट्रीय जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा समय प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य और पोषणयुक्त आहार पर दिए गए सुझाव न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। यह अनूठा मार्गदर्शन छात्रों को ‘विकसित भारत’ के सशक्त सारथी के रूप में तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान ने आगामी परीक्षाओं के लिए सभी ‘एग्जाम वॉरियर्स’ को शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि विद्यार्थी पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षाओं का सामना करेंगे।
————
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
