मुंबई, 08 फरवरी (हि.स.)। केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने रविवार को पुणे में कहा कि छात्रों से स्किल-बेस्ड शिक्षा के ज़रिए खुद मजबूत बनना चाहिए। राज्यपाल अर्लेकर ने छात्रों आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है।

केरल के राज्यपाल अर्लेकर ने कहा है कि सिर्फ़ नौकरियों के पीछे भागने के बजाय, छात्रों को प्रैक्टिकल स्किल्स हासिल करनी चाहिए और नौकरी देने वाले बनना चाहिए। वे आज पुणे में फ्यूल एजुकेशन ग्रुप की ओर से आयोजित वार्षिक कॉन्क्लेव और फ्यूचर स्किल्स समिट 2026 कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल अर्लेकर ने कहा कि नई शिक्षा नीति ने औपनिवेशिक सोच को तोड़ दिया है और भारत की शिक्षा और स्किल इकोसिस्टम को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करती है। एक मज़बूत भारतीय शिक्षा और स्किल्स फ्रेमवर्क बनाने के लिए मूल्य-आधारित नेतृत्व और सहयोगात्मक शासन ज़रूरी है। ‘स्किल इंडिया’ मिशन के अनुरूप, छात्रों को स्किल-ओरिएंटेड शिक्षा के ज़रिए खुद को सशक्त बनाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा, फ्यूल के प्रयासों ने देश भर में वंचित और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों के लिए आकांक्षाओं और रोजग़ार के बीच के अंतर को सार्थक रूप से पाटा है। फ्यूल विश्व स्तरीय शिक्षा, स्किल्स और उद्योग को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जो भारत के भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा इकोसिस्टम को और मज़बूत करेगा। उन्होंने छात्रों से आग्रह करते हुए कहा, अगर आप सिर्फ़ अपने लिए जीते हैं, तो आप सिर्फ़ मौजूद हैं; अगर आप दूसरों के लिए जीते हैं, तो आप सच में जीते हैं।
महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति के तहत स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से उद्यमिता के लिए सही दिशा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव
