झाड़ग्राम, 12 मार्च (हि. स.)। जंगलमहल स्वराज मोर्चा की ओर से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को पश्चिम बंगाल के चयनित जिलों में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है। गुरुवार को झाड़ग्राम जिलाधिकारी कार्यालय में एक आवेदन पत्र जमा किया गया, साथ ही ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी वह आवेदन भेजा गया।

जेएसएम सूत्रों के अनुसार, परियोजना के दिशा-निर्देशों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम जिलों को इस कार्यक्रम के तहत शामिल किया गया है। इन जिलों में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान रहते हैं। इनमें से कई किसान सिंचाई की कमी, कृषि अवसंरचना की सीमाएं, जलवायु से जुड़ी अनिश्चितता और उचित बाजार तक पहुंच की समस्या जैसी विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हैं।
संगठन का कहना है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन में वृद्धि, आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रसार, सिंचाई व्यवस्था में सुधार और किसानों की आय तथा आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसान समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने पश्चिम बंगाल सरकार से कुछ मुद्दों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। इनमें चयनित जिलों में परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाना, छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ पहुंचाना, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू करना तथा सिंचाई व्यवस्था, कृषि अवसंरचना और बाजार संपर्क को और मजबूत करना शामिल है।
इस संबंध में जंगलमहल स्वराज मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महातो ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से यह महत्वपूर्ण कृषि योजना किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से ग्रामीण विकास का रास्ता और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण, ग्रामीण विकास और समानता आधारित आर्थिक प्रगति के पक्ष में जेएसएम भविष्य में भी रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
