जबलपुर, 14 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार शनिवार को जबलपुर जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 11117 प्रकरणों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण किया गया।

इस दौरान 44 करोड़ 78 लाख 1 हजार 611 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत का सफल संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णमूर्ति मिश्र के मार्गदर्शन में किया गया। प्रकरणों के शीघ्र समाधान के लिए कुल 75 खण्डपीठों का गठन किया गया, जिनके माध्यम से 1873 लंबित तथा 9304 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते से किया गया।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति, धारा 138 एनआई एक्ट, आपराधिक शमनीय, सिविल, वैवाहिक एवं विद्युत अधिनियम सहित विभिन्न प्रकृति के मामलों का समाधान किया गया। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावों में कुल 766 निराकृत प्रकरणों में ₹ 30 करोड़ 82 लाख 73. हजार 734 रुपये से अधिक की अवार्ड राशि पारित की गई। वहीं धारा 138 एनआई एक्ट के 266 निराकृत मामलों में ₹ 5 करोड़ 24 लाख 34 हजार 473 रुपये की समझौता राशि निर्धारित हुई।
इसके अतिरिक्त बैंक रिकवरी से संबंधित 1468 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में ₹ 1 करोड़ 93 लाख 59 हजार की समझौता राशि प्राप्त हुई। राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुलभ, शीघ्र एवं निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराना रहा। बड़ी संख्या में मामलों के एक ही दिन में निराकरण से न केवल न्यायालयों का कार्यभार कम हुआ, बल्कि पक्षकारों को भी त्वरित राहत मिली। अपने उद्देश्य में यह राष्ट्रीय लोक अदालत पूर्णतः सफल सिद्ध हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक
