जयपुर, 09 फ़रवरी (हि.स.)। जयपुर के सुनियोजित एवं संतुलित नगरीय विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में सोमवार को चिंतन सभागार में लैंड पूलिंग योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

बैठक में जेडीसी ने शहर के चारों ओर विभिन्न क्षेत्रों में लैंड पूलिंग योजनाएं विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे जयपुर को आधुनिक नगर नियोजन का एक उत्कृष्ट मॉडल विकसित किया जा सके।

महाजन ने कहा कि जयपुर में चारों ओर विभिन्न स्थानों में स्वामित्व की भूमि के आसपास काश्तकारों एवं खातेदारों की निजी भूमि उपलब्ध है। वर्तमान में इन भूमियों पर कृषि अथवा अन्य गतिविधियां संचालित हो रही हैं, किंतु भविष्य में इन क्षेत्रों में अव्यवस्थित बसावट की प्रबल संभावना है। इस स्थिति को रोकने तथा शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जयपुर विकास प्राधिकरण
द्वारा जयपुर के चारों ओर लैंड पूलिंग योजनाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
इन योजनाओं के क्रियान्वयन से सुव्यवस्थित सड़क नेटवर्क, पार्क, हरित क्षेत्र तथा आमजन से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं का विकास संभव हो सकेगा, जिससे जयपुर का सुनियोजित विकास संभव होगा।
बैठक में विशेष रूप से जोन–08, 10, 11, 12 एवं 14, महल रोड, अजमेर रोड, सीकर रोड एवं आगरा दिल्ली रोड से सटे क्षेत्रों में लैंड पूलिंग योजनाएं लागू करने पर विस्तृत चर्चा की गई। जेडीसी ने संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार अंतर्गत संभावित लैंड पूलिंग योजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर आगामी बैठक में प्रस्तुत करें।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान लैंड पूलिंग योजना अधिनियम–2016 के अंतर्गत टोंक रोड स्थित शिवदासपुरा, बरखेड़ा एवं चंदलाई गांवों की लगभग 163 हेक्टेयर भूमि पर यह महत्वाकांक्षी योजना पहले से ही विकसित की जा रही है। इस योजना की प्रमुख विशेषता यह है कि भूमि अवाप्ति के बदले खातेदारों को उनकी कुल भूमि का 45 प्रतिशत भाग विकसित भूमि के रूप में लौटाया जाएगा, जो किसानों एवं खातेदारों के लिए आर्थिक रूप से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
जेडीसी ने बताया कि लैंड पूलिंग योजना जयपुर शहर के नियोजित एवं दीर्घकालिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। जेडीए द्वारा विकसित इस मॉडल को समझकर भविष्य में अन्य जिलों के विकास प्राधिकरण भी अपने-अपने क्षेत्रों में इसी प्रकार की योजनाएं लागू कर सकेंगे।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश
