जलपाईगुड़ी, 9 फरवरी (हि.स)। जलढाका, मूर्ति और डायना नदियों के संगम स्थल पर स्थानीय जलपक्षी एवं प्रवासी पक्षियों की गणना के दौरान वन कर्मियों के एक दल ने पहली बार एक नीलगाय को देखा। इसके अलावा, रामशाई और नाथुआर जंगल से सटे जलढाका नदी के चरों में भी लगभग रोज़ नीलगाय दिखाई देने का दावा स्थानीय लोगों ने किया है।

आमतौर पर गोरूमारा या जलपाईगुड़ी वन क्षेत्र में नीलगाय दिखाई नहीं देती है। ऐसे में रामशाई वन क्षेत्र में अचानक नीलगाय के दिखने से रहस्य गहराता जा रहा है और वन विभाग भी सतर्क हो गया है।

इस संबंध में जलपाईगुड़ी वन विभाग के डीएफओ विकास वी ने बताया कि रविवार को पक्षियों की गणना के दौरान कर्मचारियों के एक दल ने पहली बार स्पष्ट रूप से एक नीलगाय को देखा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को कुछ हद तक बढ़ा दिया गया है। वन विभाग का अनुमान है कि नीलगाय किसी अन्य वन क्षेत्र से भटक कर यहां पहुंचे हो सकते हैं। फिलहाल वनकर्मी पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह की जनहानि या फसल क्षति न पहुंच सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
