जांजगीर-चांपा, 29 जनवरी (हि. स.)। बहुचर्चित पोरा बाई नकल प्रकरण में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जी.आर. पटेल की अदालत ने अपील की सुनवाई पूरी करते हुए आज गुरुवार को अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने छात्रा पोरा बाई सहित फूलसाय नृशी, एस.एल. जाटव और दीपक जाटव को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 5 वर्ष की कठोर कारावास की सजा एवं 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

मामला वर्ष 2008 का है, जब बिर्रा हायर सेकेंडरी परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी और गड़बड़ी किए जाने का आरोप सामने आया था। इसी प्रकरण में पोरा बाई पर नकल और दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का आरोप लगा था। उल्लेखनीय है कि पोरा बाई ने कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में पहला स्थान प्राप्त किया था, जिसके बाद यह मामला विशेष रूप से चर्चा में आया था।
इस मामले में पूर्व में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, चांपा की अदालत ने सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया था। हालांकि, शासन की ओर से इस निर्णय के खिलाफ अपील दायर की गई थी। अपील की सुनवाई के बाद द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद शिक्षा जगत और जिले में प्रकरण को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT
