पलामू, 21 मार्च (हि.स.)। मेदिनीनगर के जीएलए कॉलेज परिसर स्थित जेएन दीक्षित छात्रावास में प्रकृति पर्व सरहुल पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई, जिसमें विश्वविद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं तथा कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम शनिवार दोपहर 3 बजे तक चला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति के प्रति आदर और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण उत्सव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। यदि हम पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए संतुलित और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकेगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. कैलाश उरांव, समाजसेवी ज्ञानचंद पांडेय, डीएसडब्ल्यू डॉ. एस.के. पांडेय, कुलानुशासक डॉ. आर.के. झा, वित्त पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार सिंह, एनपीयू परीक्षा ओएसडी डॉ गौरव श्रीवास्तव, डॉ. संजय बाड़ा, डॉ. विकास टोपनो, डॉ. बर्नार्ड टोप्पो, छतरपुर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रविशंकर सिंह, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. वीरेंद्र कुमार तथा जीएलए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जसवीर बग्गा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सरहुल पर्व की परंपराओं और प्रकृति के साथ आदिवासी समाज के गहरे संबंध पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संकल्प लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार
