जीवनरक्षक तकनीक व प्राथमिक चिकित्सा का दिया प्रशिक्षणजोधपुर, 10 मार्च (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में एक दिवसीय ट्रॉमा केयर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला लाइफलाइन फाउंडेशन वडोदरा तथा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, दिल्ली तथा एचडीएफसी बैंक का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयुष चिकित्सक को बेसिक लाइफ सपोर्ट, प्राथमिक चिकित्सा तथा ट्रॉमा मैनेजमेंट का व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य है, ताकि आपदा एवं संकट की घड़ी में वे समाज की प्रभावी सेवा कर सकें।
मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आयुष चिकित्सकों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी रूप से कार्य करने हेतु जीवनरक्षक प्राथमिक चिकित्सा कौशल में दक्ष बनाना था, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं सक्षम बनाया जा सके। कार्यशाला के विशेषज्ञ वक्ता के रूप में व्यास मेडिकल कॉलेज के लैप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जन डॉ. यश परिहार एवं व्यास मेडिसिटी के एनेस्थीसिया विभाग की सीनियर रेजिड़ेंट डॉ. पूजा पाटिल द्वारा जीवनरक्षक तकनीकों, प्राथमिक चिकित्सा एवं ट्रॉमा मैनेजमेंट पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में लाइफ लाइन फाउंडेशन से प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. रुचा शिरोडकर एवं मैत्री शाह तथा मानव संसाधन विकास केंद्र कोऑर्डिनेटर डॉ. हेमन्त मेनारिया, डॉ. हेमन्त राजपुरोहित, डॉ. अंशुल चाहर एवं डॉ. राजीव खन्ना का योगदान रहा।
कार्यशाला में डीन प्रो. महेन्द्र कुमार शर्मा, प्राचार्य प्रो. चंदन सिंह, संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. ए. नीलिमा, बोर्ड ऑफ़ स्टडीज के चेयरमैन प्रो. गोविन्द प्रसाद गुप्ता, मीडिया प्रभारी प्रो. दिनेश शर्मा, होम्योपैथी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गौरव नागर, डॉ. ब्रह्मानंद शर्मा, डॉ. श्योराम शर्मा, विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य एवं स्नातकोत्तर अध्येता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ अनुषा चौहान ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश
