चित्तौड़गढ़, 11 अप्रैल (हि.स.)। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में गत दिनों बहुचर्चित अजयराज हत्याकांड के मुख्य आरोपित ईश्वर सिंह के कब्जे से जिला कारागृह में जिला कलक्टर द्वारा की गई जांच के दौरान मोबाइल चार्जर आदि बरामद हुए थे। लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक इस मामले की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। कोतवाली थाने में दर्ज मामले में अभी तक जेल में मोबाइल मिलने का मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है। ना तो जेल प्रशासन और ना ही कोतवाली थाना पुलिस ने जांच को गति दी है।

जानकारी में सामने आया है कि जेल प्रशासन की कथित रूप से मिली भगत के कारण जेल में मादक पदार्थ और अन्य सुविधाएं अपराधियों को मिलती रही है। सूत्र बताते है कि इसी प्रकार जेलों में लगातार मोबाइल पहुंचाये जाते है और बिना मिली भगत के जेल में मोबाइल मिलना संभव नहीं है। माेबाइल और मादक पदार्थ, नशे की खेप पहुंचने से जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे है।
जिला कलक्टर के निरीक्षण के दौरान जेल में मोबाइल मिलने का मामला सुर्खियों में रहा और कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जेल में मोबाइल कैसे पहुंचा, कब पहुंचा, सिम कब एक्टिवेट हुई, किसकी ड्यूटी थी और कितने दिनों से यह खेल चल रहा है? इन सब बिन्दुओं पर जांच की आवश्यकता है। मोबाइल की लोकेशन, सीडीआर और अपराधी की किस व्यक्ति से बात हुई, इन सब बिन्दुओं पर अनुसंधान किया जाना है। जेल प्रबंधन ने भी अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की है और यही कारण है कि जिला कारागृह के हालात जस के तस बने हुए है।
एक हाईप्रोफाइल अपराधी के पास मोबाइल मिलने का मामला सनसनीखेज है, लेकिन इस मामले में जेल प्रबन्धन ने किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की है। इस संबंध में जेल डीआईजी राजेन्द्र कुमार बैरवा ने बताया कि मामले की विभागीय जांच की जाएगी। पुलिस की प्राथमिक जांच होने के बाद जेल विभाग की जांच होगी और मोबाइल कब पहुंचा, किसी ड्यूटी थी इसी आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल लोकेशन और सीडीआर के आधार पर पता लगायेंगे कि जेल में मोबाइल कैसे पहुंचा? ऐसा लगता है कि जेल प्रबन्धन भी पुलिस जांच के भराेसे ही चल रहा है और मामले को लम्बित करने की कवायद की जा रही है, क्योंकि इस मामले में अभी तक कोई जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल
