रांची, 30 जनवरी (हि.स.)। झारखंड में केवल पाकुड़ जिले का लिट्टीपाड़ा प्रखंड ही कालाजार से प्रभावित है, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह सफलता राज्य सरकार के प्रयास और जमीनी स्तर पर किए गए जागरूकता अभियानों का परिणाम माना जा रहा है। विश्व एनटीडी दिवस के अवसर पर शुक्रवार को यह बातें स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनटीडी से जुड़ी बीमारियों के उन्मूलन को लेकर आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम में कही गई।

इस अवसर पर राज्य के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ बीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एनटीडी के अंतर्गत आने वाले अधिकांश रोग राज्य के लिए नेग्लेक्टेड नहीं हैं। इसी कारण राज्य सरकार इसके उन्मूलन को उच्च प्राथमिकता पर लेकर कार्य कर रही है। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप वर्तमान में राज्य का केवल एक प्रखंड पाकुड़ जिले का लिट्टीपाड़ा कालाजार से प्रभावित रह गया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि एनटीडी ऐसी बीमारियां हैं, जो मुख्यतः गरीब और वंचित वर्ग को प्रभावित करती हैं, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से इन्हें पूरी तरह रोका जा सकता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि राज्य सरकार एनटीडी उन्मूलन को मिशन मोड में चला रही है। उन्होंने कहा कि कालाजार के साथ-साथ फाइलेरिया जैसी बीमारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉ बीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए आगामी 10 फरवरी से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत राज्य के 14 जिलों के 87 प्रखंडों में दवाओं का वितरण किया जाएगा। इससे लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी पदाधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
