मुंबई, 24 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार को विधान सभा में कहा कि महाराष्ट्र में नाबालिगों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से बनाई गई टास्क फोर्स की रिपोर्ट आने के बाद ही कोई ठोस पॉलिसी या कानून बनाया जाएगा।

मंत्री आशीष शेलार आज विधानसभा में सदस्य राजेश पवार के सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से नाबालिगों पर पडऩे वाले असर के बारे में उपस्थित मुद्दे का जवाब दे रहे थे । मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि दूसरे राज्यों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बैन के बारे में सिर्फ घोषणाएं की हैं और अभी तक ठोस कानून लागू नहीं किए हैं। लेकिन महाराष्ट्र ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और 2 फरवरी, 2026 को एक टास्क फोर्स बनाई है।
यह टास्क फोर्स नाबालिगों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल, इसके मानसिक, शारीरिक और एजुकेशनल असर के साथ-साथ डिजिटल एडवर्टाइजमेंट के असर की स्टडी कर रही है। साथ ही, नेशनल और इंटरनेशनल नियमों की स्टडी करने के बाद सही कानूनी, टेक्निकल और एडमिनिस्ट्रेटिव उपाय सुझाए जाएंगे। 18 साल से कम उम्र के युवाओं के सोशल मीडिया या मोबाइल इस्तेमाल पर बैन लगाना सही नहीं होगा, क्योंकि एजुकेशन सिस्टम में इंटरनेट एक ज़रूरी इस्तेमाल है। इसलिए, एक बैलेंस्ड अप्रोच ज़रूरी है।
टास्क फोर्स को तीन महीने का समय दिया गया है और उसकी रिपोर्ट के बाद, राज्य सरकार नेशनल और इंटरनेशनल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की स्टडी करने, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कानूनों में बदलाव करने, एज वेरिफिकेशन, स्क्रीन टाइम लिमिट और स्कूलों में डिजिटल सेफ्टी एजुकेशन जैसे उपायों पर फैसला करेगी।
मंत्री शेलार ने कहा कि स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स के लिए डिजिटल सेफ्टी पर ट्रेनिंग और अवेयरनेस प्रोग्राम लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव
