वॉशिंगटन, 07 अप्रैल (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर अपने कई सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कई प्रमुख अमेरिकी सहयोगियों ने इस संघर्ष के दौरान कोई मदद नहीं की।

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, “जापान ने हमारी मदद नहीं की, ऑस्ट्रेलिया ने मदद नहीं की, दक्षिण कोरिया ने मदद नहीं की, और फिर नाटो उसने भी कोई मदद नहीं की।”
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका इन देशों की सुरक्षा के लिए बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि जापान में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो उसे किम जोंग उन के नेतृत्व वाले नॉर्थ कोरिया से सुरक्षा प्रदान करते हैं। वहीं साउथ कोरिया में भी लगभग 45,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
हालांकि, ट्रंप ने कुछ खाड़ी देशों की सराहना भी की। उन्होंने सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमिरात, बहरीन और कुवैत को “बेहतरीन” सहयोगी बताते हुए कहा कि इन देशों ने हालात को देखते हुए सक्रिय भूमिका निभाई है।
ट्रंप के इन बयानों से अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं, जिससे वैश्विक कूटनीति पर असर पड़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय
