मुंबई, 10 फरवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के चंद्रपुर में शिवसेना (ठाकरे गुट) के समर्थन दिए जाने के बाद भाजपा का महापौर चुन लिया गया है। इस पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने खरीज- फरोख्त के जरिए जीत दर्ज की है। ठाकरे गुट ने चंद्रपुर में जो भूमिका निभाई है, उसके राजनीतिक परिणाम पूरे राज्य में दिखाई देंगे।

सपकाल ने कहा कि कांग्रेस के पास 31 नगरसेवक थे। महाविकास आघाड़ी और इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टी होने के नाते ठाकरे गुट को कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए था। लेकिन ठाकरे गुट ने भाजपा को समर्थन दिया। वहीं एमआईएम ने तटस्थ रहकर भाजपा की अप्रत्यक्ष रूप से मदद की। इसके अलावा हमारे सहयोगी दल वंचित बहुजन आघाड़ी के नगरसेवक मतदान में अनुपस्थित रहे। इस वजह से भाजपा का उम्मीदवार सिर्फ एक वोट से जीत गया। ठाकरे गुट की भूमिका से क्या परभणी में कांग्रेस पार्टी को भी वही भूमिका अपनानी चाहिए? भाजपा और एमआईएम के बीच एक अदृश्य गठजोड़ है। अंजनगांव सुर्जी, अकोट और अचलपुर के बाद अब चंद्रपुर में भी इसका स्पष्ट अनुभव हुआ है। तटस्थ रहकर एमआईएम ने भाजपा की मदद ही की है। इससे एक बार फिर साबित होता है कि भाजपा और एमआईएम एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

सपकाल ने कहा कि कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी को साथ लेने का ईमानदार प्रयास किया था। यदि उनका समर्थन मिलता, तो चंद्रपुर का महापौर कांग्रेस का होता। कांग्रेस का महापौर बनाने के उद्देश्य से विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभाताई धानोरकर को एक मंच पर लाया गया और उन्होंने समन्वय के साथ काम भी किया। कांग्रेस पार्टी में किसी प्रकार की कोई फूट नहीं है। इस पूरे चुनावी घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट पार्टी पर्यवेक्षकों से मंगाई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद इस विषय पर गहन चर्चा की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
