मुंबई, 09 फ़रवरी (हि. स.) । महाराष्ट्र राज्य सरकार हाथी रोग को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और उसी के अनुसार, राज्य के छह जिलों के 16 तहसीलों में 10 से 23 फरवरी 2026 तक एक विश्वस्तरीय ड्रग कैंपेन एमडीए चलाया जाएगा। इस कैंपेन के अनुसार, भिवंडी तहसील में लोगों को जागरूक करने के लिए एक मोबाइल हेल्थ अवेयरनेस वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस वैन का उद्घाटन और हरी झंडी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रंजीत यादव ने दिखाई। यह कैंपेन डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर ऑफिस, ठाणे और गोदरेज एम्बेड –एफएचआई इंस्टीट्यूट मिलकर चला रहे हैं।

इस कैंपेन के तहत हेल्थ वर्कर घर-घर जाकर लोगों को हाथीपांव की दवा देंगे। ठाणे जिले में यह कैंपेन भिवंडी तहसील में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ठाणे डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रणजीत यादव के गाइडेंस में चलाया जा रहा है और जिला स्वास्थ अधिकारी ऑफिसर डॉ. गंगाधर पारगे और जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ. संतोषी शिंदे की देखरेख में टेक्निकल प्लानिंग की जा रही है। इस कैंपेन के तहत कुल 7 लाख 12 हजार 49 एलिजिबल बेनिफिशियरी को हाथीपांव की दवा देने का टारगेट रखा गया है।
ठाणे ज़िले के भिवंडी तहसील में हाथी रोग के मामले ज़्यादा हैं, इसलिए यह कैंपेन मुख्य रूप से भिवंडी तहसील में चलाया जा रहा है। तहसील में कुल एलिजिबल आबादी 5 लाख 8 हज़ार 765 है और एलिजिबल माइग्रेटेड आबादी 2 लाख 3 हज़ार 284 है। इसमें ईंट भट्टों, गोदामों, नए कंस्ट्रक्शन, फैक्ट्रियों वगैरह में काम करने वाले लोग शामिल हैं। इस तरह, कुल 7 लाख 12 हज़ार 49 लोगों को दवाइयाँ दी जाएँगी।
ठाणे जिले कैंपेन के दौरान, भिवंडी तहसील में दो दवाओं, डीएफसी और एल्बेंडाजोल की मिली-जुली डोज़ दी जाएगी और हेल्थ वर्कर घर-घर जाकर दवाएं बांटेंगे। इसके लिए 531 टीमें बनाई गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
