बिहारशरीफ, 28 जनवरी (हि.स.)।

जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी से संबंधित पदाधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिया है कि जिस दुकान का जितना स्टॉक का लिमिटेशन है उससे अधिक मात्रा में दवा या इंजेक्शन आदि नहीं रखेंगे। वहीं औषधि निरीक्षक द्वारा बताया गया कि कोडीन युक्त कफ सिरप को कोई भी स्टॉकिस्ट एक बिल प्रति 1000 से अधिक नहीं खरीद सकता है। जहां तक रिटेलर को भी जितना दवा रखना है उतना ही रखने की हिदायत दी गई है।
रिटेलर कितना दवा ले रहे है इस आशय पर भी नजर रखी जाएगी इसमें भी जीरो टॉलरेंस रहेगा। वहीं दूसरी ओर बाहर से बस अथवा अन्य वाहन द्वारा दवा लाया जाता है जो जांच के क्रम में पकड़े जाने पर यह पता नहीं चल पाता है कि दवा किस प्रतिष्ठान से लाया जा रहा है तथा किसके लिए लाया जा रहा है। किसी भी दवा का मिसयूज का पता चलते ही तुरंत नियमानुकूल कार्रवाई किया जायेगा। साथ हीं सभी दुकानों में भी सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया गया है। किसी भी परिस्थिति में बिना परसक्रिप्शन के कफ सिरफ की दवा नहीं देना है। साथ हीं सिड्यूल – एच का गलत फायदा नहीं उठाया जाय सिड्यूल एच के अंतर्गत भी कोई दवा एक ही व्यक्ति चार-पांच की संख्या में लेता है तो बिक्रेता तुरंत औषधि निरीक्षक को इसकी सूचना देंगे।
पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि कई लोग एविल इंजेक्शन को नशे के लिए उपयोग करते हैं। औषधि निरीक्षक को आगामी बैठक में कुल दुकानों की संख्या कितने दुकानों की जांच किया गया उसमें क्या तथ्य पाये गये कितने पर कार्रवाई हुई स्टॉक का मिलान हो रहा है या नहीं दवा कहां से आ रहा है आदि प्रतिवेदन रखने का निदेश दिया गया है।
डीएम ने बताया कि जिले में संचालित दुकानों को नोटिस दिया गया है कि कितने दुकान डिफॉल्टर हुए इसकी सूची भी पुलिस को उपलब्ध कराया जाय।स्टॉक का मिलान करने पर ही डिफॉल्टर का पता चलेगा। इसलिए स्टॉक का नियमित रूप से मिलान निश्चित रूप से किया जाय।
एविल एवं ब्रूमोफाईन दवा किस दुकान में ज्यादा मात्रा में बिक रहा है अनुमंडल वार 10-10 दुकानों की सूची तैयार कर उपलब्ध करायेंगे। वहीं एक सप्ताह के अंदर दुकानों की फ्रिस्किंग कर गोपनीय तरीके से रिपोर्ट देंगे।
औषधि निरीक्षक द्वारा बताया गया कि हाल ही में चंडी में स्थानीय पुलिस के सहयोग से चण्डी थाना अन्तर्गत औषधि नियंत्रण प्रशासन एवं पुलिस पदाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से नशा मुक्ति अभियान चलाया गया जिस दौरान एक दवा दुकान मेसर्स न्यू जय जगत मेडिकल स्टोर्स चण्डी का औचक रूप से संयुक्त जांच किया गया जिसमें एविल इंजेक्शन का क्रय विक्रय अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने के कारण उसके विकी पर तत्काल रोक लगाई गई तथा कब सीरप के नमूना को संग्रहित कर जॉच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।निरीक्षण के समय क्रय-विक्रय पंजी प्रस्तुत न करने के आलोक में दोषी पाये जाने पर 45 दिनों के लिए उनके अनुज्ञप्ति को निलंबित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी नालन्दा द्वारा संचालित सभी ड्रग्स (औषधि) संबंधित दुकानों के क्रय-विक्रय, भंडारण एवं वितरण से जुड़े नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर जिले की सभी ड्रग्स दुकानों की नियमित एवं आकस्मिक छापेमारी करें तथा जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही छापेमारी एवं निरीक्षण से संबंधित अद्यतन जानकारी को समय-समय पर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। इस अवसर पर नगर आयुक्त, नगर निगम बिहारशरीफ, उप विकास आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, सिविल सर्जन, डीपीएम स्वास्थ्य प्रबंधक ड्रग इंस्पेक्टर, उपस्थित थें।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे
