
चंपावत, 02 फ़रवरी (हि.स.)। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा का नाम बदलने और ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी)’ बिल के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में हुआ। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने जिलाधिकारी कार्यालय से लगभग 100 मीटर पहले बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

बैरिकेडिंग पर पूर्व विधायक हिमेश खर्कवाल और पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला गहतोड़ी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग के सामने बैठकर धरना भी दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना और बीबी जी राम जी बिल लागू करना आम जनता, विशेषकर ग्रामीण वर्ग के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं की मूल भावना से छेड़छाड़ कर रही है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उप जिलाधिकारी अनुराग आर्य मौके पर पहुंचे। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी
