नई दिल्ली, 22 फरवरी (हि.स.)। डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीसीआई) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दृष्टिबाधित क्रिकेट को सहयोग के फैसले का स्वागत किया है।

डीसीसीआई के संस्थापक सदस्यों में से एक भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट संघ (सीएबीआई) के लिए बीसीसीआई ने एक सपोर्ट फ्रेमवर्क की घोषणा की है। इस पहल के तहत अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, घरेलू सीरीज के आयोजन में सहायता और स्टेडियम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।बीसीसीआई ने कहा है कि यह पहल क्रिकेट में सबको साथ लेकर चलने की अहमियत को दिखाती है। इसकी वकालत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के चेयरमैन जय शाह ने बीसीसीआई के सचिव के तौर पर अपने समय में की थी। आईसीसी में अपनी भूमिका में भी इसका समर्थन करते रहे हैं।

डीसीसीआई के अधिकारियों ने भी इस कदम की सराहना की और कहा कि यह पहल दृष्टिबाधित क्रिकेटरों के लिए मौके और पेशेवर रास्ते मजबूत करती है। डीसीसीआई के महासचिव रवि कांत चौहान ने रविवार को कहा कि जय शाह एक सोच, एक विश्वास और एक बदलाव को दिखाते हैं। जब नेतृत्व पद से ऊपर उठकर मकसद से चलती है, तो इतिहास बनता है। उनके विजन ने हमेशा दिखाया है कि साफ दिशा और मजबूत इरादे से खेल में अच्छा बदलाव लाया जा सकता है।
डीसीसीआई के उपाध्यक्ष सुमित जैन ने कहा कि सिर्फ काम करने और काम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में बहुत फर्क है। उनके नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट- खासकर महिला क्रिकेट ने जबरदस्त तरक्की देखी है। यह बदलाव सिर्फ नंबरों में ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मौकों में भी दिखता है। संयुक्त सचिव अभय प्रताप सिंह ने कहा कि दृष्टिबाधित क्रिकेट के लिए सहयोग देना और एक मजबूत फ्रेमवर्क बनाना दिखाता है कि उनका विजन सिर्फ खेल से कहीं आगे तक फैला हुआ है। यह हर प्रतिभावान एथलीट तक पहुंचता है, जिसे बस एक प्लेटफॉर्म की जरूरत होती है। यह फैसला हजारों सपनों को दिशा देने के बराबर है। ——————
हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह
