एएनटीएफ ने टायर पंक्चर करके पकड़ा, 58 किलो अफीम का दूध जब्त

जोधपुर, 27 मार्च (हि.स.)। जालोर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने राजसमंद के देवगढ़ इलाके में कार्रवाई कर पिता-पुत्र तस्करों को गिरफ्तार किया। टीम ने उनके कब्जे से 58 किलो अफीम का दूध जब्त किया, जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई है।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ टीम पुराने और कुख्यात तस्करों पर नजर रखे हुए थी। भंवर सिंह पहले भी एनसीबी के केस में पकड़ा जा चुका है। वह 2013 में अवैध अफीम तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुआ था और करीब आठ साल जेल में रहा। जेल से बाहर आने के बाद भी उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। टीम आरोपित का पीछा करते हुए मंडफिया स्थित सांवरिया सेठ मंदिर तक पहुंची। आरोपी वहां माल के साथ रात में रुका। टीम ने भी गुप्त रूप से वहीं रुककर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और आगे की कार्रवाई की योजना बनाई। अगले दिन भंवर सिंह और उसका बेटा जितेंद्र सिंह दो गाडिय़ों में देवगढ़ कामली घाट के रास्ते निकले। जितेंद्र बोलेरो गाड़ी में आगे चलकर रास्ते की जानकारी दे रहा था, जबकि भंवर सिंह दूसरी कार में अफीम लेकर जा रहा था। देवगढ़ के पास टीम ने पहले बेटे की गाड़ी को निकलने दिया। ग्रीन सिग्नल मिलने पर जैसे ही भंवर सिंह पहुंचा, टीम ने उसकी गाड़ी का टायर पंक्चर कर उसे पकड़ लिया और अफीम जब्त कर ली। संपर्क टूटने पर जितेंद्र भी रुक गया, जिसे घेरकर गिरफ्तार किया गया।
तस्कर भंवर सिंह हर ट्रिप में मंडफिया के सांवरिया सेठ के मंदिर जरूर जाता था। वह माल लेने आते-जाते रात के समय में अक्सर वहीं रुकता था। पहले भी 2 बार एएनटीएफ ने वहां तक पीछा किया था, लेकिन वह बच निकला था। दो बार कार्रवाई की कोशिश में पता चला कि भंवरसिंह रात के समय में एक ही ढाबे पर खाना खाता था। टीम ने ढाबे के वेटर को मुखबिर बनाया। सूचना मिलने पर स्पष्ट हुआ कि वह चित्तौड़ की तरफ माल लेने जाएगा और वापस इसी रास्ते आएगा। इसी आधार पर टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में भंवर सिंह ने बड़े सरगनाओं के नाम बताए हैं। अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश
