दक्षिण 24 परगना, 17 मार्च (हि. स.)। भांगड़ क्षेत्र के पूर्व विधायक आराबुल इस्लाम ने सोमवार को कहा कि पार्टी ने उन्हें नहीं समझा और इसी वजह से वह तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने का फैसला कर रहे हैं। हालांकि अब तक उनके इस्तीफे की कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मीडिया से बातचीत में आराबुल इस्लाम ने कहा कि मुझे पार्टी ने नहीं समझा। मैंने पांच बार मुकदमे झेले हैं और तीन बार निलंबन का सामना किया है। इसी दुख के कारण आज मैं तृणमूल से इस्तीफा देने का फैसला कर रहा हूं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में निलंबन और निष्कासन की घटनाओं के बाद आराबुल इस्लाम की पार्टी से दूरी बढ़ती गई थी। एक समय भांगड़ की राजनीति में उनका खास प्रभाव माना जाता था।
सूत्रों के अनुसार, इस बार भांगड़ सीट से ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) को चुनौती देने के लिए तृणमूल नेता शौकत मोल्ला को आगे कर सकती है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हाल के दिनों में कई विवादों में घिरने और शौकत मोल्ला के साथ टकराव के कारण आराबुल इस्लाम का पार्टी में महत्व कम हो गया था। पंचायत चुनाव के बाद भी उन्होंने शौकत मोल्ला के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद से ही वह संगठन में हाशिये पर चले गए।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आराबुल इस्लाम जल्द ही आईएसएफ में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक वह सोमवार को फुरफुरा शरीफ जा सकते हैं और सब कुछ ठीक रहा तो मंगलवार को आईएसएफ में शामिल होने की संभावना है। हालांकि इस संबंध में उन्होंने फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है।
इस मुद्दे पर भांगड़ के विधायक और आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि तृणमूल ने आराबुल इस्लाम का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें किनारे कर दिया। उन्होंने दावा किया कि आराबुल इस्लाम ने आईएसएफ में शामिल होने की इच्छा जताई है, हालांकि इस संबंध में उनके साथ सीधे संपर्क नहीं हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
