
नई दिल्ली, 11 मार्च (हि.स.)। केन्द्र सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल का आयात बाधित नहीं है और विविध स्रोतों से आवश्यकता के अनुरुप आयात सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं, घरेलू गैस की सप्लाई कुछ हद तक बाधित होने के कारण सरकार प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई सुनिश्चित कर रही है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में बुकिंग के ढाई दिन के अंदर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। कालाबाजारी रोकने के लिए क्यूआर कोड के जरिए बुकिंग की व्यवस्था की गई है।

पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच ईरान के करीब जलमार्ग होरमुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बाधित है। इस कारण इस मार्ग से विभिन्न देशों को होने वाला आयात प्रभावित है, भारत भी इससे अछूता नहीं है। इसे देखते हुए आज सरकार ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में विभिन्न मंत्रालयों की ओर से संयुक्त प्रेस वक्तव्य दिया।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी बुकिंग को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। देश की वर्तमान में प्राकृतिक गैस की दैनिक खपत लगभग 189 मिलियन मीट्रिक मानक घनमीटर प्रतिदिन है। इसमें से लगभग 97.5 मिलियन मीट्रिक मानक घनमीटर प्रतिदिन का उत्पादन घरेलू स्तर पर होता है और शेष आयात किया जाता है। आयात से लगभग 47.4 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर की आपूर्ति अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि आपूर्ति प्रभावित होने के कारण सरकार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को गैस उपलब्ध करा रही है। फिलहाल, एलपीजी की आपूर्ति घरेलू क्षेत्र के लिए की जा रही है। गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। घरों, पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति की जाएगी। वहीं, उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए लागत में हुई वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा सरकार वहन करेगी। दिल्ली में वर्तमान में गैस की कीमत 913 रुपये है। एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष के बीच सरकार भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सरकार कंट्रोल रुम संचालित कर रही है। प्रधानमंत्री क्षेत्र की सरकारों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। अबतक इस संघर्ष में दो भारतीयों की मौत हुई है और एक लापता है। आज ही दुबई में हमले के कारण एक भारतीय घायल हुआ है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय में संयुक्त सचिव सेंथिल राजन ने बताया कि गृह सचिव ने आज ही देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक की है। उन्हें कालबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कहा गया है। साथ ही लोगों के बीच कोई भय या भ्रम पैदा न हो इसके लिए नियमित संवाद की आवश्यकता पर बल दिया गया है। राज्य सरकारों से आवश्यक सामग्री की सप्लाई सुश्चित करने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
प्रेस वक्तव्य के दौरान पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा और विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन और डीजी पीआईबी धीरेन्द्र औझा मौजूद रहे।
सिन्हा ने कहा कि फारस के खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज कार्यरत हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में स्थित हैं। इन जहाजों पर 677 नाविक सवार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में चार जहाज हैं जिनमें 101 भारतीय नाविक सवार हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा
