आसनसोल, 12 अप्रैल (हि. स.)। आसनसोल में मानवता और सेवा का एक सराहनीय उदाहरण उस समय देखने को मिला जब शहर के गुरु गोपी राम अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए एक बड़े एचएलए (एच एलए) टेस्टिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में लगभग 250 बच्चों की जांच की गई, जिससे उनके बेहतर और स्थायी इलाज की दिशा में उम्मीद की नई किरण जगी है।

इस पुनीत कार्य का आयोजन श्री नरसिंह बांध बालाजी धाम के तत्वावधान में किया गया, जिसमें अन्य संस्थाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी संस्थाओं के सदस्यों ने पूरे समर्पण और निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं देकर इस आयोजन को सफल बनाया।
शिविर में बेंगलुरु से आए प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. सुनील भट्ट उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों और उनके परिजनों को थैलेसीमिया के इलाज, उसकी गंभीरता और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) जैसे स्थायी समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर सही जांच और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी से प्रभावी रूप से लड़ा जा सकता है।
थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को हर 15 दिन में रक्त की आवश्यकता होती है, ऐसे में एचएलए टेस्टिंग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होती है, क्योंकि इससे बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की पहचान संभव हो पाती है। इस शिविर का उद्देश्य भी इसी दिशा में प्रयास करना था, ताकि बच्चों को स्थायी इलाज मिल सके और उनका जीवन बेहतर बन सके।
इस अवसर पर समाज के कई प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस मानवीय पहल की सराहना की। पवन गुटगुटिया, नरेश अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, रोहित खेतान, सुरेंद्र अग्रवाल, मधु डुमरेवाल और आशा संतोरिया जैसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमा प्रदान की।
शिविर में आए लोगों ने इस पहल को बेहद प्रेरणादायक बताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन होते रहेंगे, जिससे जरूरतमंद बच्चों को जीवनदान मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा
