
दमोह 30 जनवरी (हि.स.) भारतीय किसान संघ, महाकौशल प्रांत (मध्यप्रदेश) ने ग्राम नोहरा स्थित गोशाला की भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण प्रस्ताव का विरोध करते हुए कलेक्टर दमोह को शुक्रवार ज्ञापन सौंपा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि गोशाला के लिए आरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण किया जाना नियमों के विरुद्ध है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम नोहरा के पटेरिया मोहल्ला में गोशाला हेतु 0.60 हेक्टेयर भूमि खसरा नंबर 45-1, 45-12 एवं 45-7 में आवंटित है, जिसमें कामधेनु गोशाला का शेड भी निर्मित है। इसके बावजूद पंचायत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गोशाला की भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण के लिए नींव खुदाई कराई गई है, जो आपत्तिजनक है। भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि गोशाला की भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण तत्काल रोका जाए तथा गोशाला भवन हेतु स्वीकृत राशि को निरस्त किया जाए। साथ ही नोहरा के वार्ड क्रमांक 1 एवं 2 में स्थित शासन स्वामित्व की 24.60 ़ 4700 वर्गमीटर भूमि, जो चरनोचर, घास, बीड़ एवं चारा हेतु सुरक्षित है, उसे अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित किया जाए।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि ग्राम नोहरा में पहले से ही पांच सामुदायिकध्मंगल भवन निर्मित हैं, जिनमें आदिवासी सामुदायिक भवन (उपर टोला), हरिजन वार्ड, बीड़ी श्रमिक कॉलोनी, मुठिया नोहरा तथा पंचायत भवन के पीछे स्थित मंगल भवन शामिल हैं। सभी भवन एक किलोमीटर के दायरे में स्थित होने के कारण नए सामुदायिक भवन की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके अतिरिक्त ज्ञापन में जबेरा जनपद पंचायत क्षेत्र में पंचायत सचिव एवं सहायक सचिवों के वर्षों से एक ही तहसील में पदस्थ होने का मुद्दा भी उठाया गया है।
संघ ने मांग की है कि मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, खेत सड़क, बाढ़ नियंत्रण, भूमि सुधार एवं जल संरक्षण जैसे कार्यों में गड़बड़ी को रोकने के लिए संबंधित कर्मचारियों का अन्य तहसीलों में स्थानांतरण किया जाए। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिवस के भीतर उक्त बिंदुओं पर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन के लिए स्वतंत्र रहेगा। ज्ञापन के साथ चरनोचर भूमि एवं गोशाला भूमि के खसरा एवं नक्शे भी संलग्न किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव
