खूंटी, 05 अप्रैल (हि.स.)। भोक्ता झूलन के साथ साथ पिछले नौ दिनों से चल रहा शिवोपासना का ऐतिहासिक तोरपा मंडा रविवार को सम्पन्न हो गया। इसके पूर्व भोक्ताओं ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर भक्ति और निष्ठा का परिचय दिया। इस वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत चैत्र शुक्ल नवमी से हुई थी।

इस नौ दिनों के दौरान शिव भक्त अपना घर परिवार का त्याग कर मंदिर में रहकर भगवान भोलेनाथ की आराधना में लीं रहे।
जिस समय भोक्ता नंगे पांव आग में चल रहे थे, जिसे फूलखुंदी कहते हैं, उस समय परिवार की महिलाएं सिर पर आम के पल्लव और पवित्र जल से भरा लोटा लेकर खड़ी थीं।
फूलखुंदी के बाद भक्तों ने 24 घंटे के निर्जला उपवास का समापन किया। फूलखुंदीकौर झूलन को देखने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
झूलन के दौरान भागतीयों ने दर्शकों पर फूल वर्षा कर लोगों के मंगल कामना की। मंडा महोत्सव का आयोजन तोरपा के पूर्व जमींदार विजय बड़ाइक के परिवार की ओर से किया जाता है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा
