शिमला, 28 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में हवाई सेवाओं को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला मार्गों पर नियमित उड़ानों के संचालन का फैसला लिया है। ये उड़ानें सप्ताह के सभी दिनों में संचालित होंगी। इनके सुचारू और निरंतर संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार हर साल 31 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार पर्यटन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है।

प्रवक्ता के अनुसार, बेहतर और नियमित हवाई सेवाओं से पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा और इससे राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी। हवाई संपर्क मजबूत होने से यात्रा का समय कम होगा और पर्यटकों, व्यापारियों तथा आम लोगों के लिए आवागमन अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिमला और धर्मशाला के लिए भरोसेमंद हवाई सेवाएं शुरू होने से प्रशासनिक कामकाज में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह सेवाएं मेडिकल इवैक्यूएशन, आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया में भी उपयोगी साबित होंगी। सरकार का मानना है कि हवाई सेवाओं का लगातार संचालन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश के दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। सब्सिडी आधारित क्षेत्रीय हवाई संपर्क से दैनिक यात्रियों, कारोबारी यात्रियों और पर्यटकों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में वर्तमान में तीन हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं और इसके अलावा कई हेलीपैड भी मौजूद हैं। प्रत्येक जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में संजौली हेलीपोर्ट से चंडीगढ़ और रिकांगपियो के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा संजौली-रामपुर-रिकांगपियो और संजौली-मनाली (सासे हेलीपैड) मार्गों पर भी जल्द ही हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने की योजना है। इन हवाई मार्गों के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को मानक संचालन प्रक्रिया की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। राज्य सरकार का कहना है कि हवाई संपर्क के विस्तार से हिमाचल प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
