नई दिल्ली, 30 जनवरी (हि.स.)। संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन दिल्ली सरकार के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महान संत, समाज सुधारक और आध्यात्मिक क्रांति के अग्रदूत थे, जिन्होंने मानवता को ही सबसे बड़ा धर्म बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की वाणी समानता, समरसता, भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश देती है।

मंत्री रविंद्र इंद्राज ने कहा कि संत रविदास की जयंती का यह पावन अवसर हमें बाहरी आडंबर से दूर रहकर अपने अंतर्मन को निर्मल करने तथा उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची पवित्रता मन की शुद्धता में निहित है।
रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि संत रविदास जी जन-जन के संत थे और उनके विचार, संस्कार और वाणी को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गुरु की पहचान आयु से नहीं, बल्कि ज्ञान और आचरण से होती है।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अल्प सूचना के बावजूद सभी की उपस्थिति गुरु महाराज के प्रति आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की जयंती हमें समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराती है।
कार्यक्रम के दौरान विशेष सचिव यश चौधरी सहित उपस्थित व्यक्तियों ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। करोल बाग रविदास मंदिर के प्रधान अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का समापन “बोलो संत गुरु रविदास महाराज की जय” के उद्घोष के साथ हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव
