पूर्व मेदिनीपुर, 24 फ़रवरी (हि. स.)। जिले के समुद्रतटीय पर्यटन केंद्र दीघा स्थित जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष दोल उत्सव पहली बार विशेष रूप से मनाया जाएगा। मंदिर के उद्घाटन के बाद यह पहला दोल पर्व होने के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी संख्या में आगमन की उम्मीद जताई जा रही है। मंदिर प्रशासन के साथ-साथ होटल व्यवसायी भी इसे लेकर उत्साहित हैं।

दोल के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा को नए वस्त्र और पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। प्रतिमाओं को अबीर से सजाने के साथ दोपहर बाद विशेष अभिषेक और शाम को विशेष पूजा के उपरांत भोग अर्पित किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सदस्य तथा इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने बताया कि दोल पर्व के लिए विशेष पूजा और भोग की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष देश-विदेश के श्रद्धालु मायापुर में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और इस बार दीघा के जगन्नाथ मंदिर को लेकर विदेशी भक्तों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। अब तक 15 हजार से अधिक पर्यटक मंदिर दर्शन कर चुके हैं।
मायापुर से दीघा के बीच बस सेवा शुरू होने से आवागमन सुगम हुआ है, जिससे मायापुर आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं के भी दीघा पहुंचने की संभावना बढ़ी है।
दीघा-शंकरपुर होटलियर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव विप्रदास चक्रवर्ती ने बुधवार सुबह बताया कि दोल की छुट्टियों को देखते हुए अग्रिम बुकिंग में तेजी आई है और अधिकांश होटलों के 40 से 50 प्रतिशत कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। वहीं न्यू दीघा होटलियर्स एसोसिएशन के अनुसार न्यू दीघा क्षेत्र में अब तक 25 से 30 प्रतिशत अग्रिम बुकिंग दर्ज की गई है तथा स्पॉट बुकिंग बेहतर रहने की उम्मीद है।
दीघा-शंकरपुर विकास परिषद के प्रशासक सुरजीत पंडित ने कहा कि संभावित भीड़ को देखते हुए पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाऐं की जा रही हैं, ताकि उत्सव के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
